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Friday, October 10, 2008

तुशटीकरण की राजनिती...

पिछले कई सालो से देश की कुछ पार्टीया तुश्टीकरण की राजनिती कर रही है....
आए दिन मुस्लिमो को कोई न कोई गिफ्ट देती रहती है...और घोशणाओ का तो कोई ठिकाना
ही नही है...
अब ये गिफ्ट देने के मामले मे एक दूसरे से काम्टीशन करती रहती है...और कभी कभी तो इस हद तक गिर जाती है...कि विपक्षीयो को शर्म आ जाती है....

इनमे सबसे पहला नाम कांग्रेस का आता है...
जब जम्मु के लाल चौक मे मुस्लिम कट्टरपंथीयो ने भारत के झंडे को अपमानित करते हुए
पाकिस्तान के झंडे को जिस गर्मजोशी के साथ फहराया.....
ऊस समय कांग्रेस मुस्लिमो को आई लव यू कह रही थी....

अब जब दिल्ली इनकाऊंटर मे शर्मा जी शहीद हो जाते है तो कांग्रेस के अर्जुन सिंह...ऊनकी शहादत पर शक करते है...
और जामिया मीलीया के आतंकीयो को कानूनी संरक्षण देने के बयान पर सहमती व्यक्त कर देते हैं....

ईसके बाद सपा के मुलायम और अमर सिंह है...
अमर सिंह ने शर्मा जी के शहीद होने पर 10 लाख देने की घोशणा की...मुस्लिम नेताओ के साथ कुछ दिन बाद एक कार्यक्रम में उन्होंने श्री शर्मा की शहादत पर सवाल उठाकर मुस्लिम समुदाय का भी राजनैतिक लाभ उठाने की चाल दी....

इसके बाद है लोजपा के पासवान....
जिन्होंने देश के सबसे बडे नेटर्वक वाले आतंकवादी संगठन के बैन हो जाने पर विरोध किया....वैसे ये कोई नई बात नही है,ऐसा ये अक्सर करते रहते है......

वोट की राजनीती आदमी को किस हद तक गिरा देती है....सोचने की बात है...

एसी राजनीती करके ये अपने घर कैसे जाते होंगे....अपने बच्चो को मुंह कैसे दिखोते होंगे...ईनके रिशतेदारो को इनकी बातो पर यकीन कैसे होता होगा....ये आज तक यक्ष प्रश्न बना हुआ है....

औरजब इस दलदल मे अटल जी जैसा फूल खिला हो तो..... सोचने की बात है....

जय भारत....जय छत्तीसगढ....नवीन सिंह....

Thursday, October 9, 2008

शहीदो पर राजनीति....

कांग्रेस शुरु से ही शहीदो पर राजनीति करती आई है...अब ऊनका साथ कुछ टुटपुंजिया पार्टिया दे रही है...
लालू,मुलायम,पासवान,करुणानिधी सब चोर है.....
असली
मास्टरमाइंड तो ये हैं जो आतंक की भाषा बोलते हैं........जो लोग पकड़े गए हैं उन्हें कानूनी सहायता मिलनी ही चाहिए। हमारा संविधान-कानून उन्हें इसका अधिकार देता है लेकिन ये सहायता देना किसी संस्थान का काम नहीं है।

ये जामिया मिलिया का काम नहीं है।’
जामिया एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों, उनके निहितार्थ, उनके असर और उनके कारणों पर होगी बहस....लम्बी बहस....तीखी बहस
क्योंकी मुद्दा गरम है.....